ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छ भारत अभियान उद्देश्य एवं क्रियान्वयन: सामान्य विश्लेषण
| Vol-5 | Issue-02 | February-2018 | Published Online: 05 February 2018 PDF ( 165 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| उषा 1 | ||
|
1शोधार्थी, राजनीति विज्ञान विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर (राज.) |
||
| Abstract | ||
ग्रामीण स्वच्छ भारत मिशन, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता कार्यक्रमों को लागू करने वाला मिशन है। इससे पहले निर्मल भारत अभियान जिसे कुल स्वच्छता अभियान भी कहा जाता है, वर्ष 1999 में भारत सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों को साफ करने के लिए स्थापित किया था, लेकिन अब इसे स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में पुनर्गठन किया गया है। इस अभियान का लक्ष्य है कि 2019 तक ग्रामीण क्षेत्रों को खुले शौचालय से मुक्त किया जा सके, जिसके लिए देश में 11 करोड़ 11 लाख शौचालयों के निर्माण के लिए लगभग एक लाख तीस हजार करोड़ रूपए लागत अनुमान लगाया गया। जिनका उद्देश्य महात्मा गांधी की 150वीं जन्म वर्ष गांठ को सही श्रद्धांजलि प्रदान करने के रूप में 2019 तक स्वच्छ भारत की स्थिति प्राप्त करना है। जिसका तात्पर्य ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन गतिविधियों के जरिए स्वच्छता स्तरों को उन्नत बनाना तथा ग्राम पंचायतों को खुले में शौच प्रथा से मुक्त, स्वच्छ एवं साफ-सुधरा बनाना है। इस मिशन में कमियां दूर करने का प्रयास किया जाएगा जो इस समय प्रगति में रूकावट पैदा कर रही थीं तथा परिणामों को प्रभावित करने वाले जटिल मुद्दों पर ध्यान संकेन्द्रित किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के दिशा-निर्देश और उसके अंतर्गत प्रावधानों को 02.10.2014 से लागू कर दिया गया है। |
||
| Keywords | ||
| स्वच्छ भारत मिशन, ग्रामीण, पुनर्गठन, शौचालय, पेयजल, सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान। | ||
|
Statistics
Article View: 245
|
||

