भारत-चीन संबंध-वर्तमान बदलता परिदृश्य
| Vol-8 | Issue-12 | December-2021 | Published Online: 15 December 2021 PDF ( 276 KB ) | ||
| DOI: https://doi.org/10.53573/rhimrj.2021.v08i12.012 | ||
| Author(s) | ||
डाॅ. जितेन्द्र कुमार बैरवा
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1सहायक आचार्य, राजनीति विज्ञान |
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| Abstract | ||
शोध सारांश-एक अप्रैल 1950 को गैर समाजवादी देशों में से भारत पहला देश था जिसने नए चीन के साथ कूटनीतिक संबंध स्थापित किए, इस प्रकार से भारत और चीन के बीच दोस्ताना संबंध का एक नया अध्याय लिखा गया। तब से ही एशिया के दो विशाल देशों भारत और चीन के बीच संबंधों के नए युग की शुरूआत हुई। वर्ष 1950 से 1958 तक, भारत और चीन का संबंध दोस्ताना ‘भाईचारे’ का गवाह रहा है जबकि दोनों देशों की धरती पर ‘हिन्दी-चीनी भाई-भाई’ की गूंज सुनाई दी। हालांकि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि भारत-चीन के बीच संबंध 1959 के बाद तिब्बत के सवाल पर और भारत-चीन सीमा के सवाल पर मतभेद के कारण बिगड़ गए। कई अन्य जटिल कारक जो कि अंतरराष्ट्रीय और आंतरिक दोनों ही स्तरों पर मौजूद थे ने 1962 में सीमा संघर्ष को जन्म दिया और दोनों देशों के बीच यह भिड़ंत अगले दस साल तक निरन्तर चलती रही। |
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| Keywords | ||
| सामरिक, रणनीतिक, आर्थिक, कूटनीतिक। | ||
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Statistics
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