भारत नेपाल आर्थिक संबंधों का बदलता परिदृश्य

Vol-07 | Issue-05 | May-2020 | Published Online: 15 May 2020    PDF ( 230 KB )
Author(s)
Dr. Irsad Ali Khan 1

1Associate Professor, Political Science, Government Bangur College, Didwana

Abstract

यदि हम स्वतंत्र भारत और नेपाल की विदेश नीतियों के सन्दर्भ में आर्थिक तत्व पर दृष्टिपात करें तो हम देखेंगे कि विगत 65 वर्षों में दोनों देशों की विदेश नीतियों के निर्धारण में इस तत्व का भारी योगदान रहा है। आर्थिक दृष्टि से भारत का अधिकांश व्यापार पाश्चात्य देशों के साथ था। अपने भरपूर प्राकृतिक साधनों का पूर्ण सदुपयोग उन्हीं देशों की सहायता से सम्भव भी था। इस दृष्टिकोण से भारत के लिए सभी विकसित देशों के साथ मैत्री संबंध रखना आवश्यक था। इसी कारण भारत ने अपने को किसी भी सैनिक गुट में न बाँधते हुए सभी देशों से अधिकाधिक आर्थिक एवं तकनीक सहायता प्राप्त करने में सफलता प्राप्त की, इसका कारण स्पष्ट था कि भारत किसी प्रकार दूसरे गुट के प्रभाव क्षेत्र में न चला जाए। नेपाल की अर्थव्यवस्था भारत की तुलना में अत्यन्त लघु है, इस कारण उसे अपने आर्थिक संबंध अपने पड़ोसी देशों, विशेषकर भारत एवं चीन सहित अन्य एशियाई देशों से भी रखने होते हैं, क्योंकि भारत के साथ उसका संबंध अति प्राचीन है। उसकी भौतिक आर्थिक परिस्थितियाँ भारत के अनुकूल हैं। इस कारण नेपाल की आर्थिक प्रगति में सबसे अधिक योगदान भारत का रहता है।

Keywords
भारत़, नेपाल, आर्थिक, व्यापार
Statistics
Article View: 265