भारतीय राजनीतिक चिंतन में लोकतांत्रिक चेतना
| Vol-1 | Issue-2 | September-2014 | Published Online: 05 September 2014 PDF ( 204 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| डॉ मंजुलता शर्मा 1 | ||
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1व्याख्याता, राजनीति विज्ञान, राजकीय महाविद्यालय निवाई |
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| Abstract | ||
भारतीय राजनीतिक चिंतन में लोकतांत्रिक चेतना का एक महत्वपूर्ण स्थान है। यह चेतना भारत के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक, सामाजिक और राजनीतिक संरचनाओं के विकास में प्रमुख भूमिका निभाती रही है। भारतीय राजनीति में लोकतंत्र के सिद्धांतों और मान्यताओं का प्रभाव न केवल सरकारी नीति और निर्णयों पर पड़ा है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग के जीवन में गहरे असर डालता है। भारतीय लोकतंत्र की नींव, समाज के विभिन्न वर्गों के समान अधिकार और समान अवसर की भावना पर आधारित है। इस शोधपत्र में भारतीय राजनीतिक चिंतन में लोकतांत्रिक चेतना के प्रमुख पहलुओं का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। |
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| Keywords | ||
| भारत, राजनीतिक चिंतन, लोकतंत्र, चेतना। | ||
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