भारत-अमेरिका परमाणु संबंध: सामान्य अवलोकन
| Vol-8 | Issue-08 | August-2021 | Published Online: 20 August 2021 PDF ( 239 KB ) | ||
| DOI: https://doi.org/10.53573/rhimrj.2021.v08i08.008 | ||
| Author(s) | ||
| Dr. Irsad Ali Khan 1 | ||
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1Associate Professor, Political Science, Government Bangur College, Didwana |
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| Abstract | ||
भारत की स्वतन्त्रता से आज तक इसके अमेरिका के साथ सम्बन्धों का मूल्यांकन करने से पता चलता है कि दोनों के सम्बन्धों में हमेशा उतार चढ़ाव की स्थिति रही है। दोनों के बीच मधुर सम्बन्धों का अभाव रहा है। भारत और अमेरिका कुछ मामलों में साझेदार हैं जिससे वे प्रायः एक दूसरे के स्वाभाविक मित्र होने की बात कहते हैं। भारत विश्व का सबसे बड़ा जनतंत्र है जबकि अमेरिका विश्व का सबसे महान जनतंत्र है। दोनों कानून का सम्मान करते हैं, दोनों के अपने-अपने संघीय ढांचे हैं, दोनों की स्वतंत्र न्यायपालिका है, दोनों मानवाधिकार का सम्मान करते हैं, दोनों स्वतन्त्रता के आदर्शों को संजोकर रखते हैं और दोनों का समाज गत्यात्मक बहुसांस्कृतिक, बहुजातीय और खुला है। |
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| Keywords | ||
| भारत़, अमेरिका, परमाणु । | ||
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