कोटा नगर के कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं का अध्ययन
| Vol-5 | Issue-03 | March-2018 | Published Online: 05 March 2018 PDF ( 264 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| डॉ. राजबाला वशिष्ठ 1 | ||
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1सह- आचार्य, समाजशास्त्र विभाग, राज. कला कन्या महाविद्यालय, कोटा (राज.) |
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| Abstract | ||
कोचिंग संस्थान किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिये छात्रों को तैयार करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। समय के साथ आज कोचिंग संस्थानों की महत्ता और उनकी भूमिका में भी बहुत परिवर्तन आया है। जैसे-जैसे प्रतियोगिता कठिन से कठिन होती गई, लोगों को यह लगने लगा कि स्वाध्याय के साथ-साथ कोचिंग भी जरुरी है। राजस्थान का कोटा नगर भी ‘कोचिंग हब' के नाम से जाना जाता है। यहाँ प्रतिवर्ष हजारों-लाखों की संख्या में देश के सभी राज्यों से छात्र कोचिंग करने आते हैं। विद्यार्थियों को कोचिंग अवधि के दौरान विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस आलेख में कोचिंग के विद्यार्थियों से सम्बन्धित विभिन्न समस्याओं को व्यक्त करने का प्रयास किया गया है। इस शोध पत्र में विभिन्न समाचार पत्र-पत्रिकाओं एवं प्रकाशित व अप्रकाशित लेखों के माध्यम से सूचनायें प्राप्त की गई हैं। इस अध्ययन में कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों से संबंधित विभिन्न समस्याओं मुख्यतः अच्छे बुनियादी ढाँचों एवं सुविधाओं की समस्या, छात्रावास, आवास व मेस की समस्या, पारिवारिक आकांक्षाएँ एवं शैक्षणिक प्रदर्शन में असन्तुलन, विभिन्न आर्थिक समस्यायें, पारिवारिक व सामाजिक सम्पर्क की कमी, प्रतियोगी परीक्षा में असफल होने का भय एवं तनाव, सोशल मीडिया का मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव, आर्थिक समस्यायें आदि को व्यक्त करने का प्रयास किया गया है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि कोटा नगर ‘कोचिंग हब' के रूप में सम्पूर्ण देश में विकसित होता जा रहा है। यहाँ दिन-प्रतिदिन कोचिंग करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि होती जा रही है। इसलिये कोचिंग विद्यार्थियों को नवीन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अतः इस शोध पत्र के माध्यम से कोचिंग के विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं को व्यक्त करने का प्रयास किया गया है। |
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| Keywords | ||
| कोचिंग संस्थान, विद्यार्थी, प्रतियोगी परीक्षा, तनाव, समस्यायें, आईआईटी। | ||
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