अभिप्रेरणाः वर्तमान समय में आवश्यकता एक विवेचन
| Vol-5 | Issue-03 | March-2018 | Published Online: 05 March 2018 PDF ( 133 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| डाॅ. सुभाष यादव 1 | ||
|
1शोधार्थी, मनोविज्ञान विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर |
||
| Abstract | ||
अभिप्रेरणा का मानव जीवन में अत्यधिक महत्त्व है। अभिप्रेरणा ही व्यक्ति को आन्तरिक रूप से उत्तेजित करके उसे जीवन में नवीन आयामों को छूने की ओर अग्रसर करती है। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने के लिए व्यक्ति को अभिप्रेरित रहना आवश्यक है। अभिप्रेरणा के अभाव में व्यक्ति के जीवन में नकारात्मकता हावी हो जाती है तथा जीवन निरशामयी हो जाता है। एक अभिप्रेरित व्यक्ति का जीवन के प्रति सकारात्मक नजरीया रहता है तथा वह जीवन को आनन्द एवं उल्लास के साथ जीने में सफल हो जाता है। |
||
| Keywords | ||
| अभिप्रेरणा, अभिप्रेरणात्मक चक्र, अभिप्रेरक, मूल प्रवृत्ति, अभिप्रेरणा के सिद्धान्त, अधिगम में अभिप्रेरणा की भूमिका। | ||
|
Statistics
Article View: 293
|
||

